1. कंठ थे अवरुद्ध लोचन गा रहे थे
दो हृदय विपरीत पथ पर जा रहे थे
2. फूलों के गुलदस्ते में छिपी हुई कड़वाहट
खूब सुनाई पड़ रही नफरत की अब आहट,
कुछ रिश्ते ढोने पड़ते हैं मन पर बोझ लादे
कुछ रिश्तों के भाग लिखा है रहना सदा अभागे।
एक दिन बहुत पछताओगे ढूंढोगे मुझे भीड़ में, नीड़ में बैठे कहीं एकांत में किसी कविता के तुकांत में खुद आगे करोगे हाथ पाने को थोड़ा साथ प...
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