सोमवार, 30 मार्च 2026

किसको व्यथा सुनाऊं

 कितनी पीड़ा ढो पाऊं मैं 

कितना नीर बहाऊं 

तुमसे जब मैं कह नहीं पाया 

किसको व्यथा सुनाऊं

शुक्रवार, 6 मार्च 2026

फागुन

 जीवन कितना रीत गया 

बीते कई बासंती मौसम

पतझड़ में सब बेरंग-बेरंग

अंग-अंग तेरे रंग ना लागा 

ये फागुन भी बीत गया 

जीवन कितना रीत गया।

मिसरा

 एक छोटी सी प्रेम कहानी जाने कब की खत्म हुई   उसका पात्र बने अब तक जग में हम हैं घूम रहे