सोमवार, 30 मार्च 2026

किसको व्यथा सुनाऊं

 कितनी पीड़ा ढो पाऊं मैं 

कितना नीर बहाऊं 

तुमसे जब मैं कह नहीं पाया 

किसको व्यथा सुनाऊं

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मिसरा

 एक छोटी सी प्रेम कहानी जाने कब की खत्म हुई   उसका पात्र बने अब तक जग में हम हैं घूम रहे