कभी राम की आड़ में
कभी पाकिस्तान की आड़ में
वो चुनाव ही लड़ता है
मुसलमान की आड़ में;
कहता था कि दिखाएंगे
लाल आंखें चीन को
अब नैन मटक्का करने लगा
ट्रंप पहलवान की आड़ में।
फूल भीतर शूल भी हैं गुलाब संग बबूल भी हैं दिखते जो रिश्ते सरल चुभते त्रिशूल भी हैं।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें