मुल्क में मेरे चुनाव की तैयारी हो रही है
सुना है चाकुओं की पसलियों से यारी हो रही है
वो बता रहे हैं कि जनहित में पाला बदल लिया
हमें मालूम है कि जनता से मक्कारी हो रही है।
एक छोटी सी प्रेम कहानी जाने कब की खत्म हुई उसका पात्र बने अब तक जग में हम हैं घूम रहे। बीते दिन महीने बीते बरस-बरस भर बीत गए लेकिन मन की ...
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