उसने देखा नहीं यूं मंज़र होना
सूनी आंखों का समंदर होना
उसको गुमान है अपनी
चालाकियों पर
हमको आता है कलंदर होना
सूनी आंखों का समंदर होना
उसको गुमान है अपनी
चालाकियों पर
हमको आता है कलंदर होना
एक छोटी सी प्रेम कहानी जाने कब की खत्म हुई उसका पात्र बने अब तक जग में हम हैं घूम रहे। बीते दिन महीने बीते बरस-बरस भर बीत गए लेकिन मन की ...
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