मोहब्बत करने वालों में
किसने नफरत फैलाई है
जली बस्तियां पूछ
रहीं हैं किसने आग लगाई है
राख-खाक में जो भी
बदला वो भी तेरा हिस्सा था
राम-खुदा तू जो भी
है तेरी दुनिया बलवाई है
एक छोटी सी प्रेम कहानी जाने कब की खत्म हुई उसका पात्र बने अब तक जग में हम हैं घूम रहे
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